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उत्तराखंड में खिलाड़ियों की होगी बल्ले-बल्ले!… नई खेल नीति में सरकार का ये है प्लान

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उत्तराखंड सरकार जल्द ही नई खेल नीति लागू करने की तैयारी में है। यह नीति केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप तैयार की जाएगी। साथ ही 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान विकसित किए गए खेल बुनियादी ढांचे के रखरखाव और बेहतर उपयोग के लिए भी विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी।

गुरुवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति देने की दिशा में भी कार्ययोजना तैयार की जाए।

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (हल्द्वानी) में अगले महीने से शैक्षणिक सत्र शुरू करने की सभी तैयारियां समय पर पूरी की जाएं। इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया, कोच, अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति में तेजी लाई जाए। उन्होंने “एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम” योजना के तहत निर्माण कार्यों को गति देने और राष्ट्रीय खेलों की खेल परिसंपत्तियों के लिए लिगेसी प्लान पर तेजी से काम करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून, गौलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार और पिथौरागढ़ में विकसित खेल सुविधाओं का अधिकतम उपयोग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए किया जाए। उन्होंने 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैयार किए गए सभी खेल ढांचों के नियमित रखरखाव के लिए अलग कार्ययोजना बनाने को भी कहा।

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उन्होंने अधिकारियों को वर्ष 2027 में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश दिए। विभिन्न खेल विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और खेल संघों के सहयोग से खिलाड़ियों की पहचान एवं चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने ‘एक जिला-एक स्पोर्ट्स’ (ODOS) योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में निर्धारित खेल के लिए कोचिंग, प्रतिभा पहचान और प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जाए। जिला खेल छात्रावासों को संबंधित खेल की नर्सरी के रूप में विकसित किया जाएगा।

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बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में समायोजित कर चुकी है। वहीं “एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम” योजना के तहत 48 मिनी स्टेडियमों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 10 स्टेडियमों का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा लोहाघाट में देश के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जहां संचालन के लिए 16 पद सृजित किए जा चुके हैं और प्रवेश प्रक्रिया भी जारी है।

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हिल दर्पण डेस्क

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