उत्तराखंड में अतिक्रमण चिन्हीकरण को लेकर एक बार फिर बवाल हो गया। कुंभ मेले की तैयारियों के बीच हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर अतिक्रमण चिन्हीकरण और प्रस्तावित मार्ग के सर्वे के लिए पहुंची PWD की टीम के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। विभागीय अधिकारियों ने इंदिरा बस्ती के कुछ लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, कर्मचारियों से धक्का-मुक्की और मारपीट करने तथा सरकारी दस्तावेज छीनने का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि कुंभ मेले की तैयारियों के तहत विश्व कल्याण आश्रम और मातृ सदन आश्रम से ज्वालापुर की ओर प्रस्तावित मार्ग का चिन्हीकरण किया जा रहा था। इसी क्रम में PWD की टीम इंदिरा बस्ती में अतिक्रमण की मार्किंग करने पहुंची थी। टीम के पहुंचते ही कुछ स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि विरोध के दौरान विवाद बढ़ गया और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई।
PWD के अपर सहायक अभियंता चंद्र लाल भारती ने कनखल कोतवाली में तहरीर देकर राकेश, संजीव, राजीव, इंद्रावती समेत अन्य लोगों पर अभद्रता, मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं। विभाग का यह भी आरोप है कि कर्मचारियों पर ईंट-पत्थर फेंके गए और सरकारी डायरी, भूमि संबंधी दस्तावेज व अन्य अभिलेख छीन लिए गए। घटना में चार कर्मचारियों के घायल होने की बात कही गई है।
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोगों और PWD कर्मचारियों के बीच कथित तौर पर बहस और मारपीट होती दिखाई दे रही है। PWD के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, कनखल पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


