उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत निर्वाचन विभाग ने सत्यापन प्रक्रिया को और तेज कर दिया है। जांच के दौरान जिन मतदाताओं के दस्तावेज या विवरण अधूरे पाए गए हैं, उन्हें अब नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा।
निर्वाचन विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बूथ स्तर पर नोटिस वितरित किए जा रहे हैं। जिन लोगों को नोटिस मिला है, उन्हें निर्धारित तिथि को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष उपस्थित होकर आवश्यक मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में बनाए रखने पर निर्णय लिया जाएगा।
विभाग का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज न हो और प्रत्येक रिकॉर्ड का पूर्व की मतदाता सूची से सही मिलान हो सके।
जांच में जिन गणना प्रपत्रों में आवश्यक जानकारी अधूरी मिली है या जिनका रिकॉर्ड पूर्व की मतदाता सूची से मेल नहीं खा सका, उन मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में मतदाताओं को बताया गया है कि उनका हस्ताक्षरित गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुका है, लेकिन जरूरी जानकारी उपलब्ध न होने के कारण सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
निर्वाचन विभाग ने नोटिस के साथ मान्य दस्तावेजों की सूची भी जारी की है। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाण पत्र, सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, ओबीसी, एससी, एसटी सहित अन्य जाति प्रमाण पत्र तथा निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज शामिल हैं। विभाग ने मतदाताओं से समय पर दस्तावेज प्रस्तुत कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की है।


