उत्तराखंड सरकार ने श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर सिख यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर साफ किया है कि इस घटना को किसी भी तरह से सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। सरकार ने इसे दो पक्षों के बीच हुआ सामान्य विवाद बताया है।
गृह सचिव शैलेश बगोली ने कहा कि राज्य में सभी धर्मों के प्रति सम्मान की परंपरा रही है और इस घटना को धार्मिक तनाव के रूप में प्रस्तुत करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल बिगाड़ने या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। गृह सचिव के अनुसार गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के निर्देश दिए गए हैं, जबकि कानून-व्यवस्था से जुड़े एडीजी से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करने को कहा गया है। सरकार ने दोहराया कि यात्रियों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि यह घटना 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में हुई, जब हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ निहंग सिख यात्रियों का पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर कथित तौर पर तलवार से हमला हुआ, जिसमें चार लोग घायल हो गए।
घायलों में एक को एयर एंबुलेंस से देहरादून रेफर किया गया, जबकि अन्य का इलाज स्थानीय स्तर पर किया गया। पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
हेमकुंड साहिब और चारधाम यात्रा मार्ग होने के कारण कर्णप्रयाग क्षेत्र हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही का केंद्र रहता है, ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ा दी है।


