उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रौद्र रूप दिखाने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए देहरादून और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा अन्य कई जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया है। संभावित खतरे को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सभी जिला प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को देहरादून और बागेश्वर में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश के साथ वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर देखने को मिल सकते हैं। खराब मौसम की आशंका को देखते हुए दोनों जिलों के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और सतर्क रहने की अपील की है।
इसके अलावा टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 10 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इस दौरान भूस्खलन, अचानक बाढ़, वज्रपात और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका बनी रहेगी। विशेष रूप से नदी किनारे रहने वाले लोगों और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुबह सचिव, आपदा प्रबंधन को प्रदेशभर में हाई अलर्ट बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सभी जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रखने तथा किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं, पर्यटकों और प्रदेशवासियों से अपील की है कि मौसम की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। उन्होंने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी अपील की है।


