उत्तराखंड में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। राहुल गांधी 4 जून से दो दिवसीय उत्तराखंड यात्रा पर रहेंगे, जहां वे अल्मोड़ा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा पौड़ी गढ़वाल में पूर्व सैनिकों से संवाद और देहरादून में पार्टी से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी तय है। इस दौरे को लेकर कांग्रेस उत्साहित है, जबकि बीजेपी लगातार इस पर सवाल उठा रही है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और रिटायर्ड कर्नल अजय कोठियाल ने राहुल गांधी के दौरे का स्वागत करते हुए भी उनके पूर्व सैनिकों से होने वाले संवाद कार्यक्रम पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि वीरभूमि माने जाने वाले पौड़ी गढ़वाल में यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से कई सवाल खड़े करता है। कोठियाल का आरोप है कि राहुल गांधी पहले भी सेना से जुड़े मुद्दों पर बयान दे चुके हैं, ऐसे में यह दौरा राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि भी है, जहां बड़ी संख्या में लोग सेना और अर्धसैनिक बलों में सेवा देते हैं। सीएम धामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने पहले सैन्य अभियानों और सेना के पराक्रम को लेकर सवाल उठाए हैं, जिसे जनता नहीं भूल सकती।
वहीं कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी पर पलटवार किया है। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राहुल गांधी के दौरे से बीजेपी नेताओं में घबराहट है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संगठन को मजबूत करने, युवाओं और पूर्व सैनिकों से संवाद करने तथा सरकार की नीतियों की कमियों को उजागर करने के उद्देश्य से उत्तराखंड आ रहे हैं।
कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने दावा किया कि अल्मोड़ा में होने वाली जनसभा ऐतिहासिक होगी और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपने दौरे के दौरान रोजगार, युवा मुद्दों, सैनिकों के सम्मान और अग्निवीर योजना जैसे विषयों पर विस्तार से बात करेंगे। कांग्रेस इसे एक बड़े जनसंपर्क और शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है। कुल मिलाकर, 4 जून से शुरू हो रहा राहुल गांधी का यह दौरा उत्तराखंड की राजनीति में एक अहम चर्चा का विषय बन गया है, जिस पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।


