हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की 8 अगस्त को हल्द्वानी के श्री रामलीला मैदान में हुई जनसभा के बाद जनसभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को सत्याग्रह मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को सामाजिक भेदभाव और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
मार्च की शुरुआत मंगल पड़ाव स्थित अंबेडकर पार्क से हुई। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए नैनीताल डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा तक पहुंचे, जहां मार्च का समापन हुआ। इस दौरान “संविधान के राज में भेदभाव नहीं चलेगा” और “सामाजिक सम्मान हमारा अधिकार है” जैसे नारे लगाए गए।
सत्याग्रह में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कोई भी सार्वजनिक स्थान किसी व्यक्ति की जाति या सामाजिक पहचान के कारण अपवित्र नहीं हो सकता। संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध किया जा सकता है, लेकिन जाति या सामाजिक पहचान के आधार पर किसी के सम्मान को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
आर्य ने कहा कि कांग्रेस का विरोध किसी धर्म या व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि भेदभाव और छुआछूत जैसी मानसिकता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से समानता और सामाजिक न्याय का रास्ता दिखाया, जिसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी हमेशा भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के लिए जाना जाता है। यहां नफरत और भेदभाव की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कथित शुद्धिकरण की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और संवैधानिक गरिमा का सवाल है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट और नैनीताल जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन द्वारा जातीय भेदभाव अथवा किसी नागरिक की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य किया गया है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जाति के आधार पर सम्मान और अपमान का निर्णय नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश को ‘शुद्धिकरण’ की राजनीति के बजाय समानता, सम्मान और सामाजिक न्याय की राजनीति की जरूरत है।
मार्च में राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य, पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल, पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल सहित जिला और महानगर कांग्रेस के पदाधिकारी, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस ने कहा कि सत्याग्रह के माध्यम से पार्टी ने सामाजिक बराबरी, भाईचारे और संविधान की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।


