उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर गुरुवार रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब करीब 300 निहंगों का एक जत्था कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस बैरिकेडिंग पार कर उत्तराखंड में प्रवेश कर गया। शुरुआती रोकथाम के प्रयासों के बावजूद पुलिस उन्हें सीमा पर रोक नहीं सकी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देर रात देहरादून के रेसकोर्स स्थित गुरुद्वारे में प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। बातचीत के बाद अधिकांश निहंग वापस लौटने पर सहमत हो गए, हालांकि कुछ निहंगों के चुपचाप देहरादून में प्रवेश करने की भी सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने पूरे शहर में निगरानी और तलाशी अभियान तेज कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय लोगों और निहंगों के बीच हुए टकराव से जुड़ा है। 16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग को लेकर शुरू हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। आरोप है कि झगड़े के दौरान निहंगों ने एक स्थानीय युवक पर तलवार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने भी निहंगों पर हमला कर दिया, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। पुलिस ने इस मामले में चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। निहंग पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है।
देर रात पुलिस रही अलर्ट
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि रात करीब 12:54 बजे शिमला बाईपास तिराहे पर कुछ निहंगों के वाहनों की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक वाहन वापस लौट चुके थे। इसके बाद रिस्पना पुल, जोगीवाला और रेसकोर्स क्षेत्र में भी कुछ वाहनों के देखे जाने की सूचना मिली। पुलिस लगातार इन वाहनों की तलाश में जुटी रही।
पांवटा साहिब में वार्ता रही बेनतीजा
गुरुवार शाम पांवटा साहिब की ओर से आए निहंगों के जत्थे को सीमा पर रोकने के लिए प्रशासन ने वार्ता की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद कुछ लोगों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिया और देहरादून की ओर बढ़ गए। स्थिति को देखते हुए प्रेमनगर क्षेत्र में सघन नाकेबंदी की गई। दंगा नियंत्रण बल, वाटर कैनन और विशेष पुलिस वाहन भी मौके पर तैनात किए गए। सुरक्षा कारणों से मुख्य मार्ग पर करीब एक घंटे तक यातायात भी रोका गया।
प्रशासन का दावा—स्थिति सामान्य
जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि रेसकोर्स गुरुद्वारे में हुई वार्ता सफल रही और अधिकांश निहंग वापस लौटने के लिए तैयार हो गए। वहीं, एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस संभावित स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री धामी का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नगरासू प्रकरण में कानून ने पूरी निष्पक्षता से अपना काम किया है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि चारधाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर सरकार नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी लागू करेगी।


