नैनीताल जिले के विकासखंड धारी, ओखलकांडा और रामगढ़ में मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं और आदमखोर वन्यजीव की सक्रियता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन क्षेत्रों में 15 जनवरी से 17 जनवरी 2026 तक तीन दिनों के लिए सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
इस अवधि में कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश रहेगा। जिला प्रशासन के अनुसार, इन क्षेत्रों में बच्चों को विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचने के लिए सुनसान रास्तों, पगडंडियों और वन क्षेत्रों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी जान-माल की सुरक्षा को गंभीर खतरा बना हुआ है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत जिला मजिस्ट्रेट द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित अवधि के दौरान किसी भी परिस्थिति में बच्चों को विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्रों में न बुलाया जाए। साथ ही वन विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग के साथ समन्वय बनाकर स्थिति की लगातार समीक्षा की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट ललित मोहन रयाल ने मुख्य शिक्षाधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया है कि इस आदेश की जानकारी समय रहते अभिभावकों तक पहुंचाई जाए और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। हालात सामान्य होने पर आगे के आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।


