उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के कई जिलों में तेज बारिश के चलते नदियां और गदेरे उफान पर हैं, जिससे लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। राजधानी देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में अमगड़ गदेरा उफान पर बह रहा है, जिसके कारण आसपास के कई घरों पर खतरा मंडरा रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग रातभर जागकर पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर रविवार, 20 जुलाई को कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। जिन जिलों में छुट्टी का आदेश जारी किया गया है, उनमें देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर, पिथौरागढ़, चमोली, चंपावत और उत्तरकाशी शामिल हैं।
प्रदेश में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए शासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने रविवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेशभर की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहकर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
इधर, देहरादून जिले के डोईवाला विधानसभा क्षेत्र की गडूल ग्राम पंचायत स्थित शीला की चौकी के पास ग्रामीणों के आवागमन के लिए बनाया गया अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया। पुल टूटने से कई गांवों का संपर्क कट गया है और ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग पर समय रहते स्थायी व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया है।
लगातार हो रही बारिश के कारण अमगड़ गदेरा उफान पर है और आसपास के क्षेत्रों में खतरा बना हुआ है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से नदी-नालों व गदेरों के किनारे जाने से बचने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।


