उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान आगामी मानसून सीजन को देखते हुए सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहते हुए समयबद्ध रूप से सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने भूस्खलन, बाढ़ और भू-कटाव की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हीकरण करने तथा ऐसे इलाकों में स्थित गांवों, स्कूलों, अस्पतालों एवं अन्य महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही चारधाम यात्रा मार्गों के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर विशेष निगरानी रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में निर्देश दिए गए कि मानसून अवधि के दौरान किसी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं का पूर्व चिन्हीकरण कर उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता पड़ने पर उनके सुरक्षित परिवहन और चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था पहले से तैयार रखने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा मौसम संबंधी चेतावनियों को ग्राम स्तर तक त्वरित रूप से प्रसारित करने तथा पर्यटकों और यात्रियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने पर भी बल दिया गया।
मुख्यमंत्री ने आपदा और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड, डंपर सहित आवश्यक मशीनरी की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने तथा मार्ग बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने SDRF, NDRF, पुलिस, फायर एवं अन्य राहत एजेंसियों के साथ नियमित मॉक ड्रिल कराने तथा प्रत्येक तहसील में पर्याप्त मात्रा में राहत एवं बचाव सामग्री का भंडारण सुनिश्चित करने को भी कहा।


