ओडिशा के पुरी में विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन गुरुवार को ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना है।
जानकारी के अनुसार, भीड़ के दबाव के कारण कुछ श्रद्धालु बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल पुरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान और मौत के कारणों की पुष्टि के लिए पुलिस जांच में जुटी है। इस बीच प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
‘पहंडी’ रस्म के साथ शुरू हुई रथ यात्रा
उधर, लगातार बारिश के बीच नौ दिवसीय वार्षिक रथ यात्रा पारंपरिक ‘पहंडी’ रस्म के साथ शुरू हुई। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों को श्रीमंदिर से भव्य रथों तक लाया गया। शंख, घंटियों और जयघोष के बीच सबसे पहले चक्रराज सुदर्शन को बाहर लाकर देवी सुभद्रा के दर्पदलन रथ पर विराजमान किया गया। इसके बाद भगवान बलभद्र को तालध्वज रथ पर स्थापित किया गया और अंत में भगवान जगन्नाथ के विग्रह को रथ पर विराजमान कराया गया।
महाप्रभु के दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने ‘जय जगन्नाथ’ के जयघोष के साथ उनका स्वागत किया। रथ मार्ग पर ओडिसी नर्तकों, लोक कलाकारों और सांस्कृतिक दलों ने भी अपनी प्रस्तुतियां देकर धार्मिक उत्सव में रंग भरे।


