उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। भाजपा ने चुनावी रणनीति को धार देने के साथ ही विपक्षी कांग्रेस की गतिविधियों और उसके मुद्दों पर निगरानी बढ़ा दी है। हाल ही में हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में कांग्रेस के संभावित नैरेटिव और उसके प्रभाव को लेकर गंभीरता से चर्चा की गई।
पार्टी के नए महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा ने विपक्ष की रणनीति और उसके मुद्दों पर लगातार नजर रखने पर जोर दिया। बैठक में तय किया गया कि प्रदेश में उठ रहे छोटे-बड़े राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों का समय रहते आकलन किया जाए और उनके संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के स्तर पर रणनीति तैयार की जाए।
भाजपा ने लगातार तीसरी जीत की राह में आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए संगठनात्मक तैयारियां भी तेज कर दी हैं। प्रभारी और सह-प्रभारी के साथ नए महामंत्री संगठन की नियुक्ति के बाद अब बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने किसी भी स्तर पर चूक नहीं होने देने और चुनावी तैयारियों को लगातार आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
कोर कमेटी की बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कांग्रेस किन मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रही है और क्या सरकार या भाजपा के खिलाफ कोई विशेष नैरेटिव बनाया जा रहा है। संगठन स्तर पर ऐसे हर मुद्दे की निगरानी और उसके जवाब की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया। भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव से पहले सभी मुद्दों पर पार्टी की सक्रिय मौजूदगी बनी रहे, इसके लिए संगठनात्मक स्तर पर लगातार काम किया जाएगा।
इसके साथ ही पिछली विधानसभा चुनाव में भाजपा के हाथ से निकल गईं 23 सीटों पर भी विशेष रणनीति के तहत काम करने की बात सामने आई। इन सीटों को लेकर संगठन अलग-अलग स्तर पर फीडबैक और चुनावी समीकरणों का आकलन कर रहा है। पार्टी की कोशिश है कि चुनावी तैयारियों में सामने आने वाली हर चुनौती को पहले से चिन्हित कर उसके अनुसार संगठन और रणनीति को मजबूत किया जाए।


