पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। चुराह उपमंडल के पुखरी-मसरूंड मार्ग पर हुए इस हादसे में तीन सगे भाइयों समेत सात लोगों की मौत हो गई।
यह हादसा छतरूंड के पास देर रात करीब दो बजे उस समय हुआ, जब एक बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। वाहन में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें तीन महिलाएं, तीन पुरुष और चालक शामिल था। सभी ग्राम महल पंचायत के सपरोठ गांव के रहने वाले थे और काकड़ोथा गांव में आयोजित मुंडन संस्कार कार्यक्रम से अपने घर लौट रहे थे।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, रास्ते में अचानक वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और बोलेरो सड़क से नीचे गहरी खाई में लुढ़क गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार सभी लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद शवों को खाई से बाहर निकाला गया।
एडिशनल एसपी चंबा दिनेश कुमार ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज, चंबा भेजा गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
इस हृदयविदारक घटना पर चुराह के भाजपा विधायक हंसराज ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्यों की जान चली गई, जबकि वाहन चालक की भी मृत्यु हो गई। उन्होंने क्षेत्र में क्रैश बैरियर की कमी को गंभीर मुद्दा बताते हुए लोक निर्माण विभाग से सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की।
वहीं, चंबा के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार सकलानी ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया था। पुलिस दुर्घटना के हर पहलू की गहन जांच कर रही है, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।


