उत्तराखण्ड कुमाऊं क्राइम जन मुद्दे हल्द्वानी

गरजी जेसीबी……नगर निगम ने ध्वस्त किया अवैध निर्माण

खबर शेयर करें -

एक बार हटाने के बाद फिर किया गया था अतिक्रमण, सख्ती के चलते विरोध के स्वर भी दबे

हल्द्वानी। अवैध अतिक्रमण पर एक बार फिर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। बनभूलपुरा के मलिक का बगीचा में अवैध अतिक्रमण पर सोमवार को जेसीबी गरज गई। इस भूमि को पूर्व में भी खाली किया गया था, लेकिन अतिक्रमणकारियों के हौंसले इतने बुलंद रहे कि फिर अतिक्रमण कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में फिर बरसेंगे बादल!...मूसलाधार बारिश की चेतावनी, इन जिलों में स्कूल बंद

बनभूलपुरा क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने एक दीवार को तोड़ दिया। पहले तोड़ी गई बिल्डिंग को जमीदोंज कर दिया। नगर निगम ने मलिक के बगीचे में अतिक्रमण को करीब आठ महीने पहले तोड़ा था। इसके बाद नगर निगम ने इसकी तरफ को झांक कर नहीं देखा। अतिक्रमणकारियों ने यहां दो छोटे-छोटे प्लाट बनाकर बेच दिए। सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह के पास इसकी शिकायत आई थी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के मंदिर में डबल मर्डर!... गड्ढे से मिले दो साधुओं के शव, दहशत

नगर आयुक्त के पास मामला गया तो नगर निगम की टीम पुलिस बल के साथ रविवार को मौके पर पहुंची। टीम ने यहां पर तोड़े गए अतिक्रमण को दो जेसीबी और 10 मजदूरों की मदद से पूरी तरह ढहा दिया। अभी मकान को नहीं तोड़ा गया है। सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने बताया कि सोमवार को नगर निगम यहां पर ताड़बाड़ करेगा। कार्रवाई का अतिक्रमणकारियों ने विरोध भी किया। लेकिन पुलिस की मौजूदगी के चलते किसी की एक न चली।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में