उत्तराखंड विधानसभा में रक्षक के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने एक आरोपी विनय भट्ट को गिरफ्तार किया है। थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने फरार आरोपी को पटेलनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी विनय भट्ट और उसकी साथी रविकांता शर्मा ने कई लोगों से लाखों रुपए लेकर सचिवालय और विधानसभा में फर्जी नियुक्ति पत्र वितरित किए थे।
यह मामला 24 मार्च 2023 को थाना नेहरू कॉलोनी में दर्ज हुआ, जब उम्मेद सिंह चौहान, तैनाती निरीक्षक विधानसभा सुरक्षा ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत की थी। विनय भट्ट और रविकांता शर्मा ने सोनल भट्ट से विधानसभा में रक्षक के पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर 6 लाख रुपए की ठगी की थी। इसमें से ढाई लाख रुपए विनय भट्ट के खाते में और 3.5 लाख रुपए रविकांता शर्मा के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने पहले ही रविकांता शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि विनय भट्ट फरार था।
19 मार्च को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर विनय भट्ट को पटेलनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी संजीत कुमार के अनुसार, आरोपी और उसके साथी रविकांता शर्मा ने सचिवालय और विधानसभा में नौकरी लगाने के नाम पर कई लोगों से धोखाधड़ी की थी। आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ देहरादून और अन्य जिलों में धोखाधड़ी के 6 मुकदमे दर्ज हैं।