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मिडिल ईस्ट में महाभड़काव… मिसाइलों की गर्जना से दहली धरती, क्या विश्वयुद्ध करीब?

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मिडिल ईस्ट में जारी भीषण सैन्य संघर्ष का मंगवाल को चौथा दिन है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की आवाजें थमने का नाम नहीं ले रहीं, जबकि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल आपूर्ति और हवाई सेवाओं पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।

ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों में अब तक कम से कम 787 लोगों की मौत हो चुकी है। कई शहरों में भारी तबाही की खबर है। तेहरान सहित कई सैन्य और सामरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद हालात और अधिक विस्फोटक हो गए हैं, जिससे पश्चिमी देशों और ईरान के बीच सीधा सैन्य टकराव तेज हो गया है।

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तनाव उस समय और बढ़ गया जब रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमला किया गया। हमले के बाद दूतावास परिसर में आग लग गई। इसके बाद रियाद और कुवैत में अमेरिकी दूतावासों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बहरीन और जॉर्डन में अपने नागरिकों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने या देश छोड़ने की अपील की है।

बहरीन में एयर बेस पर हमले का दावा

ईरान की अर्ध-सरकारी एजेंसी के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन में अमेरिकी एयर बेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया है। दावा किया गया है कि हमले में कमांड सेंटर और ईंधन टैंक को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि अमेरिकी पक्ष ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था International Atomic Energy Agency (IAEA) ने पुष्टि की है कि ईरान के नतान्ज परमाणु संवर्धन संयंत्र को हवाई हमलों में “कुछ नुकसान” पहुंचा है। हालांकि एजेंसी ने स्पष्ट किया कि किसी रेडियोलॉजिकल रिसाव का खतरा नहीं है। नुकसान मुख्य रूप से भूमिगत प्रवेश भवनों तक सीमित बताया गया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि यह कार्रवाई “खतरनाक शासन से उत्पन्न असहनीय खतरों को खत्म करने का आखिरी और सबसे अच्छा मौका” थी। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका के पास “असीमित और उच्च स्तरीय हथियार” उपलब्ध हैं।

इजराइली सेना ने बेरूत में हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर और हथियार भंडारण स्थलों पर हमले किए हैं। इजराइल का दावा है कि उसने फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के कमांडर अबू हमजा रामी को मार गिराया है। सेना के अनुसार, इससे इजराइल के खिलाफ आतंकी अभियानों की क्षमता को बड़ा झटका लगा है।

इस बीच भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि देश में तेल की कोई कमी नहीं होगी। मंत्रालय के अनुसार, भारत ने पिछले वर्षों में ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाकर अपनी निर्भरता को संतुलित किया है। सरकार ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रभावित आपूर्ति की भरपाई के लिए वैकल्पिक मार्ग और पर्याप्त भंडार उपलब्ध हैं।

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क्षेत्रीय तनाव के चलते कुवैत में CBSE की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। वहीं मिडिल ईस्ट में तीन भारतीय नाविकों की मौत की खबर ने चिंता बढ़ा दी है। दुबई और अन्य शहरों से लौटे यात्रियों ने बताया कि हालात तनावपूर्ण जरूर हैं, लेकिन स्थानीय सरकारें सुरक्षा सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं।

लगातार बढ़ते हमलों, दूतावासों के बंद होने और तेल बाजार में अस्थिरता के बीच यह संघर्ष अब वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है। यदि जल्द कूटनीतिक समाधान नहीं निकला तो इसका असर विश्व अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर और गहरा पड़ सकता है।

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हिल दर्पण डेस्क

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