हल्द्वानी में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शहर के कई इलाकों में उपभोक्ता परेशान हैं और डोर-टू-डोर डिलीवरी के प्रशासनिक दावे पूरी तरह फेल होते नजर आ रहे हैं।
स्थिति यह है कि सिलेंडर घरों तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो जा रहे हैं, जिससे लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को सुनने वाला कोई नहीं है और गैस एजेंसियों की मनमानी खुलकर सामने आ रही है।
गौरतलब है कि गैस संकट की खबर फैलते ही उपभोक्ता गोदामों में जुटने लगे थे। इसके बाद प्रशासन ने साफ निर्देश दिए थे कि सिलेंडर वितरण केवल घर-घर किया जाएगा और गोदामों से सीधे वितरण नहीं होगा। इस आदेश के बाद गोदाम पहुंचे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई दिन पहले बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिला। वहीं, एजेंसी संचालकों का दावा है कि गाड़ियां सिलेंडर लेकर निकल रही हैं, लेकिन रास्ते में ही लोग उन्हें रुकवाकर सिलेंडर ले जा रहे हैं, जिससे डिलीवरी प्रभावित हो रही है।
बिठौरिया, डहरिया, ब्लॉक ऑफिस, कठघरिया, लामाचौड़ और आसपास के इलाकों में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि डिलीवरी के दिन गाड़ी चालकों के फोन बंद मिलते हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। चार-पांच दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंच पा रहे हैं।
रामपुर रोड क्षेत्र में भी यही हाल है, जहां बुकिंग के बावजूद लोगों को समय पर गैस नहीं मिल रही। इससे रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और नियमित रूप से होम डिलीवरी सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि इस संकट से राहत मिल सके।


