उत्तराखण्ड गढ़वाल देहरादून राजनीति हिल दर्पण

उत्तराखंड में ‘सुपर CM’ मॉडल!… 18+ विभाग अपने पास रख धामी ने चौंकाया

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। हाल ही में पांच नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद हुए इस पुनर्वितरण में मुख्यमंत्री ने कई अहम और संवेदनशील विभाग अपने पास ही रखे हैं। पहले से ही उनके पास 35 से अधिक विभागों की जिम्मेदारी थी।

नई सूची के अनुसार मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण तथा सूचना एवं जनसंपर्क जैसे प्रमुख विभाग संभालेंगे। ये विभाग शासन व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, जिनके जरिए प्रशासनिक निर्णयों और कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण बना रहता है। वहीं सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य विभाग सौंपा गया है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के स्कूल में बवाल!...शिक्षिका ने छात्रों के बाल काटे, ड्रेस और कॉपियां भी फाड़ीं

अन्य मंत्रियों को भी उनके दायित्व सौंप दिए गए हैं ताकि विभागीय कामकाज को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। नए बंटवारे से बेहतर समन्वय और विकास योजनाओं के तेज क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।

खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास और लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम विभाग सौंपा गया है। मदन कौशिक को पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना विभाग मिले हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में बारिश का रेड सिग्नल!... अगले तीन दिन परीक्षा की घड़ी, रहें सतर्क

प्रदीप बत्रा को परिवहन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी, सुराज, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन विभाग सौंपे गए हैं।

दरअसल, मंत्रिमंडल में पांच पद लंबे समय से खाली थे—कुछ पद पहले से रिक्त थे, जबकि कुछ पदों पर इस्तीफे और निधन के कारण खालीपन आया था। इन परिस्थितियों में कई विभागों का अतिरिक्त प्रभार मुख्यमंत्री के पास ही था।

यह भी पढ़ें 👉  UTU पेपर लीक में बड़ा धमाका!... पुराने प्रश्नपत्रों की भी होगी जांच, कई और खुलासों के आसार

राजनीतिक दृष्टि से इस बंटवारे को संतुलन साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखते हुए विभागों का पुनर्गठन किया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक कदम है, जिससे शासन की मुख्य कमान उनके हाथ में बनी रहे, जबकि अन्य मंत्रियों को जिम्मेदारी देकर कार्यों का प्रभावी वितरण सुनिश्चित किया गया है।

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में