उत्तराखण्ड कुमाऊं जन मुद्दे देहरादून हिल दर्पण

बनबसा में पहली बार धामी कैबिनेट!… कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने, पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को राहत देने और विभागीय समन्वय मजबूत करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

कैबिनेट ने पहाड़ी क्षेत्रों के कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। यह राशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के वेलफेयर अकाउंट में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार करीब दो हजार कुक्कुट पालकों को इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए लगभग दो करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। बैठक में पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विकास विभागों के बीच बेहतर तालमेल के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने की मंजूरी भी दी गई। सरकार का कहना है कि इससे तीनों विभागों के कार्यों में समन्वय बढ़ेगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

यह भी पढ़ें 👉  मालिश कर गर्दन घुमाई...हल्द्वानी में महिला की मौत, मचा हड़कंप

कैबिनेट ने युवाओं के कौशल विकास को लेकर भी अहम फैसला लिया। कुछ विषयों के विद्यार्थियों के लिए स्किल आधारित कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में प्रत्येक सेमेस्टर छह क्रेडिट के कोर्स शामिल होंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत नई तकनीकों और रोजगार से जुड़ी जरूरी दक्षताओं पर फोकस किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्नातक की डिग्री के साथ उद्योग और बदलते रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप व्यावहारिक व तकनीकी कौशल उपलब्ध कराना है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में आज रचेगा नया इतिहास!... पहली बार यहां होगी कैबिनेट बैठक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब सिर्फ देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय समस्याओं, क्षेत्रीय जरूरतों और विकास की संभावनाओं को सीधे शासन के स्तर पर समझने और उनके अनुरूप निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें 👉  राज्यसभा चुनाव से पहले BJP का बड़ा फैसला!... उत्तराखंड से इस नेता को बनाया उम्मीदवार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की सीमाएं नहीं, बल्कि सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार का प्रयास है कि सीमांत गांवों में आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हर क्षेत्र का संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है। सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

Ad
हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में