उत्तराखंड में 23 जून को विभिन्न संस्थानों और धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। हालांकि जांच के बाद अब तक किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने सभी धमकियों को गंभीरता से लेते हुए जांच एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, हाल के दिनों में मसूरी नगर पालिका, हरिद्वार नगर निगम सहित कई संस्थानों को धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए थे। इन ईमेलों में हरिद्वार, ऋषिकेश, केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों का उल्लेख भी किया गया था। कुछ ईमेल पंजाबी भाषा में पाए गए हैं, जिनमें खालिस्तान समर्थक संदर्भ होने की बात सामने आई है।
इसी आधार पर पुलिस, खुफिया एजेंसियां और साइबर विशेषज्ञ लगातार ईमेल के स्रोत और इसके पीछे के नेटवर्क की जांच में जुटे हुए हैं। तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये ईमेल कहां से और किस उद्देश्य से भेजे गए।
धमकी भरे ईमेल के बाद राज्य के संवेदनशील स्थलों और सरकारी संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां शांति, सुरक्षा तथा धार्मिक सौहार्द सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और जांच तेजी से जारी है।


