उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट बदल ली है। करवाचौथ के दिन केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में बर्फबारी होने से ठंड बढ़ गई, जबकि श्रीनगर और कोटद्वार में बारिश हुई। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना जताई है।
मौसम में आए बदलाव का असर अब मैदानी और पर्वतीय, दोनों क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं। इससे तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के दस जिलों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई थी। पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली, चंपावत और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। नैनीताल समेत संबंधित क्षेत्रों में भी मौसम का असर दिखाई दे सकता है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बीते कुछ दिनों से प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ था। मैदानी क्षेत्रों में तेज धूप के कारण दिन का तापमान बढ़ रहा था, जबकि रात का तापमान सामान्य बना हुआ था। इससे दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ गया था।
अब चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ और पश्चिमी विक्षोभ के संभावित प्रभाव के बीच मौसम में बदलाव के संकेत हैं। बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के साथ मैदानी इलाकों के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।



