उत्तराखंड के विभिन्न महाविद्यालयों में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। हल्द्वानी, देहरादून, मसूरी और बाजपुर समेत कई कॉलेजों में सुबह से ही चुनावी माहौल बना हुआ है। छात्र-छात्राओं में मतदान को लेकर उत्साह नजर आया और कई मतदान केंद्रों पर छात्र लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट रहा।
एमबीपीजी कॉलेज में प्रत्याशियों के बीच झड़प
हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में मतदान के दौरान अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के बीच आपसी झड़प के बाद हंगामा हो गया। मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एसपी क्राइम और एसपी सिटी ने मौके पर पहुंचकर प्रत्याशियों को कड़ी फटकार लगाई और चुनावी नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी।
कॉलेज के बाहर अनावश्यक रूप से जुटी भीड़ को भी पुलिस ने वहां से हटा दिया। मतदान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है।
डीएवी पीजी कॉलेज में पुलिस-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की
देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में मतदान शुरू होते ही छात्राओं के बूथ के बाहर वोट अपील को लेकर हंगामा हो गया। आरोप है कि कांग्रेस के प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट, पार्षद रोबिन त्यागी समेत एनएसयूआई कार्यकर्ता छात्राओं के बूथ के बाहर खड़े होकर वोट की अपील कर रहे थे।
सूचना मिलने पर सीओ डालनवाला नितिन लोहानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं को वहां से हटने के लिए कहा। पुलिस के समझाने के दौरान कार्यकर्ता कथित तौर पर पुलिस से उलझ गए। इसके बाद कांग्रेस-एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुक्की शुरू हो गई।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठियां भांजकर कार्यकर्ताओं को मौके से खदेड़ा। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
मसूरी में 366 मतदाता करेंगे मतदान
मसूरी के एमपीजी कॉलेज में भी छात्रसंघ चुनाव को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया। यहां सुबह नौ बजे मतदान शुरू हुआ, जो दोपहर 1:30 बजे तक चलेगा। कुल 366 मतदाता अध्यक्ष, महासचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद के लिए अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
कॉलेज में सहसचिव, कोषाध्यक्ष और कार्यकारिणी सदस्य के पदों पर एनएसयूआई के प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। वहीं अध्यक्ष, महासचिव और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पदों पर मुकाबला होने से छात्र संगठनों में हलचल बनी हुई है। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी, मसूरी छात्र संगठन और एनएसयूआई के प्रत्याशी मैदान में हैं।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही छात्र-छात्राओं की आवाजाही बनी हुई है। वहीं विभिन्न कॉलेजों में पुलिस बल की तैनाती के साथ निगरानी की जा रही है, ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सके।


