उत्तराखंड में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इस बीच पुलिस ने हाई प्रोफाइल ड्रग एमडीएमए के साथ शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले केरल निवासी दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से 8.73 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों छात्र महंगे शौक पूरे करने के लिए ड्रग तस्करी में शामिल हुए थे और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को एमडीएमए बेचने की तैयारी में थे।
राजधानी देहरादून की प्रेमनगर पुलिस के अनुसार बुधवार को क्षेत्र में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पौंधा के पास संदिग्ध गतिविधि के आधार पर दो युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में उनके पास से 8.73 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान आदिल मोन और साबिर अली, निवासी केरल, हाल निवासी ठाकुरपुर रोड, प्रेमनगर के रूप में हुई है।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे देहरादून में रहकर निजी शिक्षण संस्थान में पढ़ाई कर रहे हैं। अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उन्होंने एमडीएमए को कम कीमत में खरीदकर लाने और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को महंगे दामों पर बेचने की योजना बनाई थी। इससे होने वाले मुनाफे से वे अपने खर्च और शौक पूरे करना चाहते थे।
पूछताछ के दौरान पुलिस को नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में भी जानकारी मिली है। पुलिस अब आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर ड्रग सप्लाई करने वाले नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
देहरादून में शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे के कारोबार को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल के मामलों में छात्रों के खुद ड्रग तस्करी में शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार सस्ते दामों पर नशीला पदार्थ खरीदकर छात्रों के बीच महंगे दामों पर बेचने के लालच में कुछ युवा इस नेटवर्क का हिस्सा बन रहे हैं।
इससे पहले करीब एक सप्ताह पूर्व राजपुर थाना पुलिस ने एमडीएमए के साथ छह छात्रों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार ये आरोपी दिल्ली के सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू गैंग से ड्रग खरीदकर छात्रों को ही बेचते थे। अब प्रेमनगर क्षेत्र में दो छात्रों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने नशे के नेटवर्क को लेकर जांच और तेज कर दी है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एमडीएमए की सप्लाई करने वाले स्रोत और इसे शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने वाले अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।


