उत्तराखंड के चर्चित बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने रविवार देर रात देहरादून स्थित उनके आवास पर सादी वर्दी में पहुंचकर गिरफ्तारी की। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए चमोली लाया गया, जहां मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जांच जारी है।
चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि एसआईटी दस्तावेजों, अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि गिरफ्तारी से पहले प्रमोद नौटियाल ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। उन्होंने अपने निलंबन और दर्ज एफआईआर को भी चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने बीकेटीसी से जवाब तलब करते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई तय की थी। हालांकि, सुनवाई से पहले ही एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में अन्य लोगों के भी आने की संभावना जताई जा रही है।
यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने आरोप लगाया कि बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में अनियमितता और चोरी हो रही है। आरोप सामने आने के बाद प्रदेशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर मामला चर्चा का विषय बन गया।
विवाद बढ़ने पर बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की, जबकि राज्य सरकार ने भी तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति बनाकर मामले की जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच के बाद बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया था। अब एसआईटी की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है।


