उत्तराखंड–हिमाचल सीमा पर निहंग सिख जत्थे को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पांवटा साहिब और कुल्हाल बॉर्डर क्षेत्र में करीब 150 से 200 निहंग सिख मौजूद हैं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कुल्हाल गेट पर बैरिकेडिंग कर सीमा को सील कर दिया है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात प्रभावित हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ से हिमाचल के रास्ते उत्तराखंड की ओर बढ़ रहे इस जत्थे को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने पहले से ही इंतजाम किए थे, लेकिन देर रात कुछ निहंगों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की बात सामने आई। इसके बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और सुरक्षा बलों की तैनाती और सख्त कर दी गई।
बताया जा रहा है कि 16 जून को चमोली जिले के कर्णप्रयाग में स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच हुए विवाद के बाद यह जत्था उत्तराखंड की ओर कूच कर रहा है। उस घटना के दौरान झड़प में कई लोग घायल हुए थे। इसी को लेकर निहंग सिखों ने अपने साथियों की रिहाई की मांग करते हुए आगे बढ़ने का ऐलान किया था।
कुल्हाल चेकपोस्ट पर पुलिस और प्रशासन ने जत्थे को रोकने की कोशिश की। पांवटा साहिब के एक गुरुद्वारे में प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई, जो करीब दो घंटे चली, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद कुछ लोग वापस लौट गए, जबकि लगभग 20 से 30 निहंगों के सीमा पार करने की जानकारी सामने आई।
इस दौरान कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की खबरें भी मिलीं, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। हालात को संभालने के लिए पुलिस के साथ आईटीबीपी के जवानों को भी तैनात किया गया है।
रात के समय कुछ लोगों के देहरादून क्षेत्र की ओर बढ़ने की सूचना पर प्रशासन सतर्क हो गया था, हालांकि बाद में यह जत्था रेसकोर्स स्थित एक गुरुद्वारे में पहुंचा, जहां पुलिस ने पहुंचकर उन्हें समझाया और वापस पांवटा साहिब भेज दिया गया।
फिलहाल विकासनगर–कुल्हाल बॉर्डर पूरी तरह सील है और पांवटा साहिब पुल पर भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी यातायात बाधित है। देहरादून और हरिद्वार के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार बातचीत के जरिए स्थिति को शांत करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।


