उत्तराखंड में लगातार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते हिमस्खलन (एवलांच) का खतरा बढ़ गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अगले 24 घंटों के लिए उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
खराब मौसम के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सहित कई प्रमुख मार्ग कुछ समय के लिए बाधित रहे, लेकिन बाद में इन्हें खोल दिया गया। यह चेतावनी रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के 2,800 मीटर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों पर लागू होगी। संवेदनशील इलाकों में पुरोला, बड़कोट, गंगोत्री, केदारनाथ, सोनप्रयाग और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और यात्रियों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।
रक्षा भू-सूचना अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE) के अनुसार, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को कैटेगरी-3 (ऑरेंज) में रखा गया है, जहां गहरी और अस्थिर बर्फ जमा होने के कारण प्राकृतिक हिमस्खलन का खतरा है, जो घाटी तक पहुँच सकता है। पिथौरागढ़ को कैटेगरी-2 (येलो) और बागेश्वर को कैटेगरी-1 (ग्रीन) में रखा गया है।
राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई। सुबह 8:30 बजे तक कुल 20.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 1,348 प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा बारिश बागेश्वर (36.2 मिमी) में हुई, जबकि नैनीताल, उधम सिंह नगर और देहरादून में भी अच्छी बारिश दर्ज हुई।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते तापमान में गिरावट आई है। शामा और मुनस्यारी में 5 सेमी और जन की चट्टी व सुरकंडा देवी में 3.5 सेमी तक बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश, बर्फबारी और घाटियों में कोहरे की संभावना जताई है।


