उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस की सभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। देहरादून निवासी सामाजिक कार्यकर्ता बैजनाथ की ओर से इस मामले को लेकर याचिका दायर की गई है। मामले में आगामी 7 सितंबर, सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा हुई थी। इसके बाद 11 अगस्त को कुछ लोगों ने मंच और मैदान में धार्मिक अनुष्ठान किया और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगाजल का छिड़काव किया गया। इस कार्रवाई को ‘शुद्धिकरण’ का नाम दिया गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
याचिका में कहा गया है कि घटना को लेकर अलग-अलग दावे और स्पष्टीकरण सामने आए हैं। साथ ही धार्मिक नारों की बात भी कही गई है। याचिकाकर्ता ने आशंका जताई है कि इस तरह की घटना से समाज में वैमनस्य फैल सकता है। मामले को लेकर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी जानकारी मांगी गई है। वहीं कांग्रेस की ओर से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपे जाने का भी उल्लेख किया गया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए। इसके अलावा राज्य सरकार को मामले में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देने की मांग भी की गई है।
गौरतलब है कि कांग्रेस लगातार कथित ‘शुद्धिकरण’ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रही है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर इस मामले को जातिगत रंग देने का आरोप लगाया है। अब मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद संभावित सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।


