उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने द इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2026 में उत्तराखंड की विकास यात्रा और सरकार की प्राथमिकताओं को देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ युवाओं के लिए रोजगार, निवेश और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता को सुशासन और समान अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इसके लागू होने से राज्य में सकारात्मक वातावरण बना है। उन्होंने नीति आयोग की एसडीजी रैंकिंग में उत्तराखंड के शीर्ष स्थान पर रहने का भी उल्लेख किया। रोजगार के मुद्दे पर धामी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को प्राथमिकता देते हुए पेपर लीक और नकल के मामलों में सख्त कार्रवाई की गई तथा करीब 100 लोगों को जेल भेजा गया।
धामी ने कहा कि 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद राज्य की औद्योगिक पहचान मजबूत हुई है। निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए 30 से अधिक नई नीतियां बनाई गई हैं। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को भी तेजी से मजबूत किया जा रहा है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को राज्य की कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने पर्यटन को उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बताते हुए चारधाम, आदि कैलाश और कांवड़ यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार वर्षभर पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ विंटर टूरिज्म पर विशेष जोर दे रही है। हर्षिल-मुखवा जैसे क्षेत्रों को शीतकालीन पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे होमस्टे, होटल, परिवहन और स्थानीय उत्पादों से जुड़े रोजगार बढ़ेंगे। सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की अवधारणा के तहत विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। राज्य में नवाचार नीति लागू की गई है और उद्योगों के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था व विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास यात्रा का उद्देश्य आर्थिक प्रगति के साथ युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने आगामी जनवरी 2027 में हरिद्वार में होने वाले कुंभ की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुंभ के लिए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है और देशवासियों को इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।


