उत्तराखंड में वन विभाग के अधिकारियों के लिए खुशखबरी है। विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया तेज हो गई है और वन मुख्यालय ने शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्ताव के अनुसार कंज़रवेटर से चीफ़ कंज़रवेटर, डीएफ़ओ से कंज़रवेटर और कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (JAG) तक के पदों पर प्रमोशन की पात्रता पूरी करने वाले 9 अधिकारियों को जनवरी 2026 से लाभ मिलने की संभावना है।
वन विभाग में अधिकारियों की कमी को देखते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) अफसरों के प्रमोशन की सूची अंतिम रूप से तैयार की गई है। कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड पर पदोन्नति के लिए कुल 6 अधिकारियों के नाम भेजे गए हैं। इनमें डीएफ़ओ सुबोध काला भी शामिल हैं, जो 2025 में प्रमोशन के योग्य थे, लेकिन विभागीय जांच लंबित होने के कारण उन्हें लाभ नहीं मिल पाया। इस बार भी उनका नाम शामिल है, जिसे जांच परिणाम तय करेगा।
2017 बैच के पांच अधिकारी—महातिम यादव, कुंदन कुमार, दीपक सिंह, आशुतोष सिंह और पुनीत तोमर—जनवरी 2026 में आवश्यक 9 साल की सेवा पूरी कर लेंगे और JAG पदोन्नति के लिए पात्र होंगे।
डीएफ़ओ से कंज़रवेटर रैंक पर पदोन्नति के लिए 2012 बैच के दो अधिकारी—चंद्रशेखर जोशी और कल्याणी—अर्हता पूरी कर रहे हैं। दोनों फिलहाल प्रभारी कंज़रवेटर के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं और जनवरी 2026 में 14 साल की सेवा पूरी होने पर पूर्ण कंज़रवेटर बन सकेंगे।
वहीं कंज़रवेटर से चीफ़ कंज़रवेटर के लिए दो नाम प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक और 2008 बैच के IFS साकेत बडोला शामिल हैं, जो जनवरी 2026 में 18 साल की सेवा पूरी कर लेंगे।
साथ ही 2004 बैच के टीआर बीजू लाल, जिनका प्रमोशन पूर्व में लंबित जांच के कारण रुका हुआ था, अब क्लीन चिट के बाद चीफ़ कंज़रवेटर के रूप में पदोन्नति के पात्र हो चुके हैं।
वन मुख्यालय ने प्रमोशन की ये पूरी सूची शासन को भेज दी है और जल्द ही अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई गई है। प्रमुख वन संरक्षक प्रशासन बीपी गुप्ता ने प्रस्ताव भेजे जाने की पुष्टि की है।


