सोशल मीडिया पर रील्स का क्रेज बढ़ता जा रहा है, और प्रसिद्धि पाने की चाह में लोग अक्सर मर्यादाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों को नजरअंदाज कर रहे हैं। यह ट्रेंड खासकर युवाओं में तेजी से फैल रहा है, जो वायरल होने के लिए किसी भी हद तक जा रहे हैं। ऐसा ही मामला यहां प्रकाश में आया है।
दरअसल ग्वालियर किले में जैन तीर्थंकर की प्रतिमाओं के सामने बैठकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए एक महिला का रील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वीडियो में महिला और उसके साथी जूते-चप्पल पहने हुए जैन तीर्थंकर की प्रतिमाओं के सामने बैठकर अपशब्दों का उपयोग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो वायरल होते ही जैन समाज में इस घटना को लेकर आक्रोश फैल गया है।
अखिल भारतीय श्री दिगंबर जैन बरैया महासभा ने एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि यह महिला शिवपुरी के नरवर क्षेत्र की रहने वाली है और उसने अपने साथियों के साथ ग्वालियर किले के तलहटी में स्थित प्राचीन जैन प्रतिमाओं के सामने यह आपत्तिजनक वीडियो शूट किया।
जैन समाज ने एसएसपी से आरोपी महिला और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। समाज का कहना है कि यह घटना उनकी धार्मिक आस्था का अपमान है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मुनि श्री विलोक सागर जी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस प्रकार की हरकतें गलत हैं क्योंकि जैन प्रतिमाएं हमारी संस्कृति की धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारण से ये प्रतिमाएं खंडित भी हो जाएं, तो उनका अपमान नहीं किया जाना चाहिए और इसके लिए दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इस घटना के खिलाफ जैन समाज ने प्रदर्शन भी किया और नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। समाज ने इसे धार्मिक आस्था पर हमला बताया और पुरातत्व विभाग की लापरवाही को भी इस घटना का कारण माना।
एएसपी कृष्ण लालचंदानी ने इस मामले पर कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहे हैं और जैन समाज ने इसकी शिकायत की है। उन्होंने कहा कि शिकायत को संज्ञान में लिया गया है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।