आपदा उत्तराखण्ड कुमाऊं बागेश्वर हिल दर्पण

तबाही की दास्तां… अब कुमाऊं में खौफनाक मंजर, ढहे घर, दो की मौत, भारी नुकसान

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है। कुमाऊं से लेकर गढ़वाल मंडल तक आपदा की मार देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में बागेश्वर जिले के पौंसारी गांव में शुक्रवार को बादल फटने की घटना सामने आई, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी-भीमताल मार्ग में भूस्खलन... मलवा हटाने में जुटी जेसीबी, यात्रियों की फजीहत

घटना के दौरान एक घर भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिससे दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग अब भी लापता हैं। मृतकों की पहचान बसंती देवी और बछुली देवी के रूप में हुई है। लापता व्यक्तियों में रमेश चंद्र जोशी, गिरीश चंद्र और पूरन चंद्र शामिल हैं।

यह भी पढ़ें 👉  क्या पता फिर बीजेपी में आ जाएं!... कांग्रेस नेता की सियासी उथल-पुथल, कैबिनेट मंत्री ने खोला पिटारा

आपदा की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। जिलाधिकारी आशीष भटगाईं और विधायक सुरेश गढ़िया मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। हालांकि, इलाके में संचार व्यवस्था ठप होने के चलते राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन प्रशासन पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है।

यह भी पढ़ें 👉  UKSSSC भर्ती धमाका!... सरकारी नौकरी की तलाश अब होगी खत्म, यहां करें क्लिक

बादल फटने की इस घटना ने दो परिवारों को गहरा सदमा दिया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में