मुरादनदर के छोटा हरिद्वार में सीसीटीवी कांड से हड़कंप मचा हुआ है। गाजियाबाग जिले के मुरादनगर में छोटा हरिद्वार में मुकेश नाम के महंत की घिनौनी हरकत से हर कोई सन्न है।
आरोप है कि उसने महिलाओं के चेंजिं रूम में सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था जिसकी लाइव फुटेज उसके फोन पर कनेक्ट थी। चेजिंग रूम वही जगह थी जहां महिलाएं गंगा के घाट पर डुबकी लगाने के बाद कपड़े बदलने जाती थी। बताया जा रहा है कि महंत सीसीटीवी के जरिए महिलाओं को कपड़े बदलते हुए देखता था। उसकी इस घिनौनी हरकत का खुलासा उस वक्त हुआ जब वहां कपड़े बदलने पहुंची 45 साल की महिला की नजर उस सीसीटीवी पर पड़ी। महिला 21 मई को अपनी बेची के साथ छोटा हरिद्वार गई थी।
गंगा में स्नान करने के बाद महिला अपनी बेटी के साथ कपड़े बदलने गई। लेकिन चेंजिंग रूम में सीसीटीवी देखकर महिला हैरान रह गई। जैसे ही उसे पता चला कि कैमरा मंदिर के महंत ने लगाया है, वह तुरंत उसके पास पहुंची और उससे सवाल करने लगी। महिला के सवालों का जबाव देने के बजाय आरोपी महंत खुद महिला के साथ बुरी तरीके से पेश आने लगा और धमकी भी दी कि अगर उसने पुलिस को इस बारे में बताया तो अच्छा नहीं होगा। हालांकि महिला उसकी धमकियों से नहीं डरी और गुरुवार की रात मुरादनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर दी। एफआईआर दर्ज होते ही महंत फरार हो गया और अब पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस मामले की जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची तो देखा महिला चेंजिंग रूम के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा था। पुलिस रिकॉर्डिंग डिवाइस की फुटेज चेक की तो हैरान रह गई। उसमें 5 दिनों की फुटेज मिली जिसमें करीब 200 महिलाओं के वीडियो थे। पुलिस इन वीडियो की पूछताछ के लिए महंत के पास पहुंची लेकिन तब तक वो फरार हो चुका था। बता दें, यह कांड ऐसी जगह हुआ है जहां हजारों लोग दूर-दूर से लोग स्नान करने आते हैं। आरोपी महंत की पहचान मुकेश के तौर पर हुई है जिसे पुलिस तलाशने के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है।
कौन है महंत मुकेश
मुकेश छाटा हरिद्वार में घाट के किनारे बने प्राचीन मंदिर में महंत के पद पर है। वह काफी समय से इस पद पर बना हुआ है। घाट पर महंत मुकेश गोस्वामी का दबदबा है। मंदिर समिति के कर्मचारी ही परिसर के आसपास दुकान कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि एक दशक पहले महंत और उनकी पत्नी मेरठ से जेल भी जा चुके हैं। पुलिस महंत के परिजनों को हिरासत में लेकर भी पूछताछ कर रही है। वहीं पुलिस ने जब महंत की कुंडली खंगाली तो उसके खिलाफ पहले से चार मुकदमे दर्ज मिले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक मामला मेरठ में और तीन गाजियाबाद में दर्ज था। यह चारों मुकदमें साल 2007, 2017, 2018 और 2019 में दर्ज किए गए थे जिनमें जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप भी शामिल है।