पोर्न कंटेंट बनाने वाले दंपती की गिरफ्तारी, विदेशी फंडिंग और स्टूडियो का खुलासा
नोएडा के सेक्टर-105 स्थित एक कोठी में चल रहे अश्लील कंटेंट बनाने के गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में कंपनी के डायरेक्टर उज्जवल किशोर और उनकी पत्नी नीलू श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर आरोप है कि वे विदेशी पोर्न साइट्स के लिए अश्लील वीडियो तैयार कर रहे थे, और इसके बदले भारी विदेशी फंडिंग प्राप्त कर रहे थे।
महज 4 घंटे में शूट होते थे वीडियो
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह स्टूडियो महज 4 घंटे में अश्लील वीडियो शूट करता था। दिन में दो से तीन महिला मॉडल कोठी पर आतीं और लगभग 4 घंटे बाद वापस चली जाती थीं। मॉडल्स का ज्यादातर समय सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच कोठी में बिता होता था। यह पुष्टि की गई है कि स्टूडियो के ऊपरी हिस्से में महिला मॉडलों का एडल्ट वेबकैम वीडियो शूट किया जाता था।
विदेशी फंडिंग और इंटरनेशनल नेटवर्क
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह का नेटवर्क साइप्रस, यूरोप और अफ्रीका के कई देशों में फैला हुआ था। इसके अलावा, एक नीदरलैंड स्थित अनडिस्क्लोज्ड खाता भी पाया गया, जिसमें 7 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किया गया था। इस राशि को विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में कैश में निकाला गया था।
कंपनी और गिरोह की गतिविधियाँ
ईडी की टीम ने ‘सुबदीगी वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी पर छापा मारा, जिसका डायरेक्टर उज्जवल किशोर और उनकी पत्नी नीलू श्रीवास्तव हैं। दोनों की कंपनी साइप्रस स्थित एक विदेशी कंपनी के लिए कंटेंट तैयार कर रही थी, जिसे विभिन्न विदेशी पोर्न वेबसाइट्स पर अपलोड किया जाता था।
ईडी की छापेमारी में लाखों की नकदी और अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी बरामद हुए हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस को इस मामले में कोई सूचना नहीं दी गई थी और अभी तक सेक्टर 39 पुलिस थाने में इस मामले में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
जांच जारी
ईडी की टीम अब इस मामले में विदेशी लेन-देन और केवल फैंस पेज (OnlyFans) से जुड़ी गतिविधियों की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इस गिरोह की गतिविधियों को लेकर और भी अहम जानकारी सामने आ सकती है।