उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के केदारघाटी के ग्राम पंचायत रुद्रपुर में मंगलवार को एक बड़ा विवाद सामने आया, जब पिटकुल (पॉवर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) के अधिकारी और कर्मचारी गोचर भूमि पर सब स्टेशन निर्माण के लिए पहुंचे। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए सड़क जाम कर दी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन में पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
महिलाओं का आक्रोश खासतौर पर देखने को मिला, जब पुलिस कर्मियों ने उन्हें जबरन पुलिस वाहनों में बैठाया। इसके बाद गुस्साई महिलाएं सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर रखकर रुद्रपुर के निकट गुप्तकाशी-जाखधार मोटरमार्ग को जाम कर दिया। घंटों तक सड़क पर बैठी महिलाएं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं। इस दौरान रुद्रपुर और राइंका के बीच का क्षेत्र एक तरह से छावनी में तब्दील हो गया था, जहां पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग आमने-सामने थे।
इस विवाद की जड़ 2013 में है, जब पिटकुल ने बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के रुद्रपुर की लगभग 6 हेक्टेयर गोचर भूमि पर विद्युत सब स्टेशन बनाने का प्रस्ताव रखा था। इस निर्माण को लेकर पहले भी स्थानीय लोग विरोध कर चुके थे और उन्होंने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, अब तक इस मामले में कोई निर्णायक फैसला नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है और जल्द ही कोई फैसला आने की उम्मीद है, लेकिन पिटकुल ने निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की, जिसे स्थानीय जनता ने रोक दिया।
स्थानीय महिलाओं ने सुबह से लेकर देर शाम तक भूखे-प्याले सड़कों पर बैठकर विरोध जारी रखा। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन जब तक कोई सक्षम अधिकारी मध्यस्थता करने के लिए नहीं आया, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहा। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय लोगों की सामूहिक एकता और संघर्ष की ताकत को उजागर किया, जिसने बड़े प्रशासनिक प्रयासों को भी असफल बना दिया।