पुलिस बर्बरता की हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। इससे एक बार फिर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रविवार सुबह पुलिस की प्रताड़ना व बेइज्जती से आहत होकर एक महिला ने आत्महत्या कर ली। दरअसल महिला का भाई दादों क्षेत्र में एक शादीशुदा महिला को उसके घर से जबरन ले जाने और मारपीट-फायरिंग का आरोपी है। मामले की जांच के दौरान महिला के पति का नाम सामने आया, जिसकी तलाश में पुलिस उसके घर पहुंची। पति के न मिलने पर पुलिस ने उसकी पत्नी और बेटे को हिरासत में ले लिया।
ये मामला पालीमुकीमपुर क्षेत्र के नगला जीवाराम गांव का है। जहां छोटे उर्फ याकेश पर शुक्रवार देर रात दादों क्षेत्र के लहरा कस्बे से अपनी शादीशुदा प्रेमिका को जबरन घर से उठा ले जाने का आरोप है। 9 घंटे बाद महिला को बरामद कर लिया गया। पुलिस छोटे की तलाश में उसकी बड़ी बहन लक्ष्मी और उसके बेटे लोकेश को उठा ले गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें हिरासत लेकर गांव में घुमाते हुए प्रधान के घर ले गई। बेरहमी से पीटा फिर थाने ले जाकर भी मारपीट की और शाम को छोड़ दिया।
आरोप है कि पुलिस ने कहा कि महिला व बेटे को जेल जाने से बचाना है तो सुबह तक एक लाख रुपये ले आना। रविवार सुबह पौने छह बजे लक्ष्मी शौच के लिए निकली। इसी दौरान अपने घेर के पीछे पापड़़ी के पेड़ पर फंदा लिया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो परिजन भड़क उठे। सीओ छर्रा धनंजय के समझाने पर नहीं हटे। कई घंटे तनाव के बाद एसपी देहात अमृत जैन पहुंचे। उन्होंने एसओ के लाइनहाजिर होने की बात कही, तब शव पुलिस को सौंपा गया।
इस मामले में एसएसपी संजीव सुमन ने बताया कि महिला को पूछताछ के लिए पुलिस लाई थी। उसकी निशानदेही पर खेत से एक टूटी रिवॉल्वर बरामद हुई। थाने के सीसीटीवी देखे गए हैं। इसमें कहीं भी मारपीट नहीं हुई है। फिलहाल एसओ को लाइनहाजिर कर दिया है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच एसपी देहात से कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।