हल्द्वानी। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने के साथ विदेशों में रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शनिवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय में जिला कौशल एवं अप्रेंटिसशिप समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें कौशल प्रशिक्षण की प्रगति, अप्रेंटिसशिप और रोजगार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना समेत जिले में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए अधिक से अधिक उद्योगों और प्रतिष्ठानों को अप्रेंटिसशिप योजना से जोड़ने तथा प्रशिक्षित युवाओं का डेटाबेस तैयार करने को कहा गया।
जापानी-जर्मन भाषा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण
बैठक में मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जापानी और जर्मन भाषा का 6 से 8 माह का प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसमें भाषा के साथ संबंधित व्यावसायिक कौशल भी सिखाया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य जापान और जर्मनी में नर्सिंग असिस्टेंट तथा एल्डरली केयर गिवर के रोजगार अवसरों के लिए युवाओं को तैयार करना है।
इस प्रशिक्षण के लिए जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थी पात्र होंगे। पुरुषों के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष और महिलाओं के लिए 18 से 27 वर्ष निर्धारित की गई है।
बर्ड वॉचिंग को रोजगार से जोड़ने पर जोर
जिलाधिकारी ने जिले में बर्ड वॉचिंग की संभावनाओं को देखते हुए पंगोट, कोसी बैराज और नौकुचियाताल में आने वाले प्रवासी एवं हिमालयी पक्षियों की जानकारी देने वाले गाइडों को विशेष प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित गाइड पर्यटकों को पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में वैज्ञानिक जानकारी दे सकेंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण ट्रेड निर्धारित करने और सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कौशल विकास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है, इसलिए प्रशिक्षण की गुणवत्ता के साथ उसका परिणाम रोजगार के रूप में दिखाई देना चाहिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, जिला सेवायोजन अधिकारी प्रियंका गढ़िया, जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य, आईटीआई प्रधानाचार्य नितिन शर्मा, लीड बैंक अधिकारी अमित बाजपेई, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार, हिमालयन चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव मलय त्रिपाठी, एमबीपीजी कॉलेज के डॉ. संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


