नैनीताल जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर चार अपराधियों को छह माह के लिए जनपद से जिला बदर किया गया है, जबकि शस्त्रों के दुरुपयोग और आपराधिक मामलों में संलिप्त पाए जाने पर चार लोगों के शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं।
गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत जारी आदेश के अनुसार रामनगर निवासी रोहित पांडे, मल्लीताल निवासी देव सिंह जाटव, हल्द्वानी निवासी गौरव मेहंदी रत्ता तथा हिमांशु पंत उर्फ पटाखा को छह माह के लिए नैनीताल जनपद की सीमा से बाहर रहने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार इन सभी के विरुद्ध शस्त्र अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी तथा अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं और उनकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। वहीं समीक्षा के बाद चंदन टाकुली, विश्वनाथ और जीवन कनवाल के विरुद्ध चल रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
इसी क्रम में काठगोदाम निवासी त्रिभुवन चंद द्वारा सार्वजनिक स्थान पर लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करने के मामले में उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया गया। रामनगर निवासी ललित बेलवाल का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया, क्योंकि उनकी लाइसेंसी बंदूक का इस्तेमाल एक आपराधिक घटना में किया गया था। इसके अलावा बनभूलपुरा निवासी इश्तियाक अली और इंदिरा नगर निवासी मोहम्मद सलीम के शस्त्र लाइसेंस भी आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आधार पर निरस्त कर दिए गए। वहीं सतीश नैनवाल, निसार सिद्दीकी, शाहनवाज मलिक और अदनान नवाब के विरुद्ध चल रही शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि जनपद में शांति, कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों और शस्त्रों के दुरुपयोग के मामलों में जिला प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति आगे भी जारी रहेगी और नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


