उत्तराखण्ड कुमाऊं क्राइम हल्द्वानी हिल दर्पण

हल्द्वानी… जंगल में मिला नर कंकाल, फैली सनसनी

खबर शेयर करें -

हल्द्वानी के काठगोदाम थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जब दमुवाढूंगा के जंगल में मंगलवार को लकड़ी लेने गए लोगों की नजर एक नर कंकाल पर पड़ी। यह घटना उस समय घटी जब लोग रोज की तरह जंगल में लकड़ी लेने पहुंचे और कमेटिया बरसाती नाले के पास पड़े कंकाल को देखा। शुरुआती डर के बाद जब वे पास गए, तो उन्होंने देखा कि कंकाल के कपड़े बिखरे हुए थे, और एक खोपड़ी नाले के पास पड़ी हुई थी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में भाजपा का बड़ा दांव...इन दो नेताओं का बढ़ा कद, मिली राष्ट्रीय जिम्मेदारी

पुलिस के अनुसार, नर कंकाल का अधिकांश हिस्सा पत्थर से अटका हुआ था और उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल था। कपड़े—लोअर, टी-शर्ट और अंडरवियर—से ही यह अनुमान लगाया जा सकता था कि यह किसी पुरुष का कंकाल है, लेकिन पहचान के लिए कोई ठोस संकेत मौजूद नहीं था। जब मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने आसपास के लोगों से शिनाख्त की कोशिश की, तो किसी ने भी कंकाल के कपड़ों को पहचानने का दावा नहीं किया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में अगले 6 दिन बेहद भारी!... लगातार बरसेंगे बादल, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

पुलिस ने घटनास्थल से कंकाल को कब्जे में लेकर उसकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट करवाने का निर्णय लिया है। हालांकि, कंकाल की हालत को देखकर यह कहना कठिन हो गया है कि यह किसकी लाश हो सकती है और उसकी मृत्यु कैसे हुई। इलाके में यह घटना तेजी से फैल गई, और आसपास के लोग इस रहस्यमय घटनाक्रम को लेकर अचंभित हैं।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में