उत्तराखण्ड गढ़वाल जन मुद्दे देहरादून हिल दर्पण

‘जनता का बजट’… जरूरताओं और अपेक्षाओं पर फोकस, इस दिन तक दें सुझाव

खबर शेयर करें -

उत्तराखंड सरकार आगामी बजट को पूरी तरह से जनभावनाओं के अनुरूप बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने शुक्रवार को देहरादून में प्रेसवार्ता के दौरान इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार बजट को और अधिक लोगों की जरूरतों और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  अतिक्रमण हटाने पर बवाल!...छत पर चढ़े युवकों ने खुद पर छिड़का पेट्रोल, मचा हड़कंप

प्रदेश सरकार ने फिर से बजट निर्माण में जनभागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए हितधारकों के साथ संवाद कार्यक्रम की घोषणा की है। इसके तहत महत्वपूर्ण सुझावों को बजट में शामिल किया जाएगा। वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने ‘जनता का बजट, जनता के द्वारा, जनभावनाओं के अनुरूप बनेगा बजट हमारा’ स्लोगन के तहत देवभूमि की जनता से सुझाव मांगे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  एक क्लिक में 176 करोड़ ट्रांसफर...सीएम धामी ने लाखों लाभार्थियों को दी बड़ी सौगात

वित्त मंत्री ने इस पहल को सरकार की एक नई परंपरा बताते हुए कहा कि इस बार बजट से पहले जनता के सुझाव लिए जाएंगे। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट निर्माण के लिए सुझाव आमंत्रित किए हैं। इस प्रक्रिया में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के लिए 9 फरवरी 2025 तक बजट सुझाव भेजने की अपील की गई है। इस तरह, सरकार बजट में जनता की आवाज को प्रमुखता देने की कोशिश कर रही है, ताकि बजट का हर पहलू आम नागरिक की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं से मेल खाता हो।

हिल दर्पण डेस्क

हिल दर्पण डेस्क

About Author

"हिल दर्पण" उत्तराखण्ड तथा देश-विदेश की ताज़ा ख़बरों व समाचारों का एक डिजिटल माध्यम है। अपने विचार अथवा अपने क्षेत्र की ख़बरों को हम तक पहुंचानें हेतु संपर्क करें। धन्यवाद! Email: [email protected]

You may also like

उत्तराखण्ड धर्म/संस्कृति बागेश्वर

उत्तराखंड को माना जाता है शिवजी का ससुराल, यह है मान्यता      

खबर शेयर करें -उत्तराखंड में कई प्राचीन शिव मंदिर हैं जिनके बारे में मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी
उत्तराखण्ड देहरादून मौसम

*मौसम विभाग की चेतावनी- पहाड़ों में होगी बारिश और बर्फबारी, कोहरे की आगोश में रहेंगे यह जिले*

खबर शेयर करें -देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदलने को तैयार है। इस बीच उच्च हिमालयी क्षेत्रों में