हल्द्वानी नगर निगम के वार्ड नंबर 9 के पार्षद को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने नैनीताल जिला न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें पार्षद राजेंद्र जीना की सदस्यता रद्द करते हुए वार्ड की सीट को रिक्त घोषित किया गया था।
22 सितंबर 2026 को न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने शिकायतकर्ता गिरीश नैनवाल समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई संभावित रूप से 6 नवंबर 2026 को होगी।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद राजेंद्र जीना फिलहाल वार्ड नंबर 9 के पार्षद बने रहेंगे। इससे पहले नैनीताल के जिला न्यायाधीश ने 20 जून 2026 को गिरीश नैनवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए जीना की सदस्यता रद्द कर दी थी और वार्ड की सीट को रिक्त घोषित कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी, संबंधित नगर निकाय अधिकारियों और शिकायतकर्ता गिरीश नैनवाल को नोटिस जारी किया है।
मामला राजेंद्र जीना के नामांकन पत्र में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान दर्ज कुछ मामलों की जानकारी नहीं देने से जुड़ा है। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि नामांकन पत्र में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई गई।
वहीं, राजेंद्र जीना की ओर से कहा गया कि कोविड काल में दर्ज छोटे मामलों को वापस लेने के संबंध में सरकार की ओर से शासनादेश जारी किया गया था। उनका तर्क था कि संबंधित मामलों के समन की जानकारी नहीं होने के कारण नामांकन पत्र में इनका उल्लेख नहीं हो सका।
जिला अदालत के आदेश के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। हाईकोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को अपील के परिणाम के अधीन रखा था। इसके बाद राजेंद्र जीना ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अब शीर्ष अदालत ने जिला न्यायाधीश के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। मामले की आगे की स्थिति अगली सुनवाई में स्पष्ट होगी।


