उत्तराखंड में दीपावली से पहले घरेलू गैस उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। जिले में ई-केवाईसी नहीं कराने के कारण 95,104 उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन और बुकिंग प्रक्रिया प्रभावित है। गैस बुकिंग बंद होने से उपभोक्ता परेशान हैं। वहीं, त्योहार के मद्देनजर गैस की जरूरत को देखते हुए लोग ई-केवाईसी कराने के लिए गैस एजेंसियों के कार्यालय पहुंच रहे हैं।
विभागीय व्यवस्था के तहत 30 सितंबर के बाद ई-केवाईसी नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं के गैस कनेक्शन ब्लॉक कर दिए गए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की गैस बुकिंग भी रद्द की जा रही है। एक अक्टूबर से ई-केवाईसी पूरी कराने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन बहाल करने और बुकिंग स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 1,00,104 उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित थी। इनमें से पांच हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके बाद तेल कंपनियों ने उनके कनेक्शन और गैस बुकिंग बहाल कर दी। हालांकि, अभी भी 95,104 उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में इन उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की बुकिंग कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
70 गैस एजेंसियों में करा सकते हैं ई-केवाईसी
आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जिले में विभिन्न तेल कंपनियों की 70 गैस एजेंसियां संचालित हैं। उपभोक्ता अपनी संबंधित एजेंसी के कार्यालय में पहुंचकर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावित उपभोक्ताओं के कनेक्शन और बुकिंग बहाल हो सकेंगे।
फर्जी कनेक्शन रोकने के लिए अनिवार्य प्रक्रिया
जिला आपूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने बताया कि वास्तविक और पात्र लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने, डुप्लीकेट कनेक्शनों पर रोक लगाने और गैस सब्सिडी का लाभ सही उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है। उन्होंने उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी कराने की अपील की है, ताकि गैस बुकिंग में आ रही परेशानी दूर हो सके।



