उत्तराखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी की पहली सालगिरह के दिन ही एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव घर पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई और मायके पक्ष में भारी आक्रोश देखने को मिला।
घटना गढ़वाल मंडल के टिहरी जिले के घनसाली थाना क्षेत्र के सांकरी गांव की है। जानकारी के अनुसार, 22 वर्षीय पूनम देवी की तबीयत बिगड़ने की बात कहकर उसके पति और ससुर शनिवार देर रात उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिलखी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. उषा भट्ट ने रात करीब 12 बजे पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। इस दौरान परिजनों को हिरासत में भी लिया गया।
घटना की खबर मिलते ही मृतका के मायके पक्ष में कोहराम मच गया। परिजन देर रात अस्पताल पहुंचे और पिलखी में हंगामा किया। रविवार सुबह बेलेश्वर अस्पताल में भी उन्होंने जोरदार प्रदर्शन किया। मृतका के पिता शिव सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि पूनम 21 अप्रैल को मायके आई थी और 25 अप्रैल को ससुराल लौटी थी, लेकिन उसी रात उन्हें सिर्फ उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी गई, जबकि उस समय तक उसकी मौत हो चुकी थी।
अन्य परिजनों ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। धनपाल सिंह ने कहा कि पूनम को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जाता था और उसकी हत्या की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि शव को एम्बुलेंस की बजाय कार की डिग्गी में लाया गया, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। परिजनों का कहना है कि शव पर चोट के निशान भी थे और उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की है।
खेम सिंह ने भी आरोप लगाया कि पूनम के पति, ससुर, सास और अन्य परिजनों ने मिलकर उसकी हत्या की है। उनका कहना है कि ससुर के राजनीतिक प्रभाव के चलते मामले को दबाने की कोशिश की गई और पुलिस को समय पर सूचना नहीं दी गई।
वहीं, थाना प्रभारी अजय कुमार जाटव ने बताया कि मृतका के पिता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मृतका के ससुर कुंवर सिंह को हिरासत में लिया है, जबकि पति गौरव को अंतिम संस्कार के बाद हिरासत में लिया जाएगा।


