उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू होते ही प्रदेश की सियासत गरमाने लगी है। सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने हैं, वहीं आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। इस बीच हरिद्वार की खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने अपनी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उनके इस ऐलान के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले उमेश कुमार ने कहा कि विपक्ष ने जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में उनका साथ नहीं दिया। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह न तो कांग्रेस में शामिल होंगे और न ही भाजपा का दामन थामेंगे।
उमेश कुमार ने कहा कि वह कांग्रेस और भाजपा में जाकर उन लोगों के समर्थन में नारे नहीं लगा सकते, जो कभी उनके दरवाजे पर आकर बैठा करते थे। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
विधानसभा सत्र के दौरान निर्दलीय विधायक के इस्तीफे के ऐलान ने प्रदेश की राजनीति में एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। हालांकि, इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया और उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।



