हल्द्वानी। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में व्यय संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों के चिन्हांकन को लेकर दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि व्यय संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान वास्तविक परिस्थितियों और निर्वाचन आयोग के निर्धारित मानकों के आधार पर की जाए। पिछले दो विधानसभा और लोकसभा चुनावों में जिन क्षेत्रों में नकदी, शराब, मादक पदार्थ, बहुमूल्य धातु या आभूषण आदि की अधिक मात्रा में जब्ती हुई हो, उन्हें चिन्हांकन में प्रमुख आधार बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे विधानसभा क्षेत्रों को भी संवेदनशील श्रेणी में शामिल किया जाए, जहां पिछले चुनावों के दौरान जब्ती या निर्वाचन संबंधी अन्य घटनाओं का इतिहास रहा है। जिन क्षेत्रों में व्यय संवेदनशील इलाकों की संख्या अधिक रही है, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि निर्वाचन व्यय की निगरानी के लिए बैंकिंग लेन-देन से जुड़ी सूचनाओं का भी विश्लेषण किया जाएगा। चुनाव की घोषणा से पहले छह माह की अवधि में यदि किसी क्षेत्र में मुद्रा की मांग में 20 प्रतिशत या उससे अधिक की वृद्धि दर्ज होती है, तो इस जानकारी को भी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा संभावित चुनाव तिथि से करीब छह माह पहले बैंक खातों में होने वाले असामान्य लेन-देन पर भी नजर रखी जाएगी। विशेष रूप से एक खाते से बड़ी संख्या में अन्य खातों में छोटी-छोटी रकम के असामान्य ऑनलाइन या डिजिटल लेन-देन पाए जाने पर उसे भी व्यय संवेदनशील क्षेत्र और पॉकेट के चिन्हांकन में ध्यान में रखा जाएगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपलब्ध सभी सूचनाओं का निर्धारित मानकों के अनुसार विश्लेषण किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभागों और एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यय संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों और इलाकों का सटीक चिन्हांकन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एसपी ट्रैफिक डॉ. जगदीश चंद्र, एडीएम विवेक राय, एसडीएम मोनिका, एलडीएम अमित वाजपेयी, सीटीओ कमलेश भंडारी, एटीओ नंदन सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


